album cover
Gandi Aulaad
3,902
On Tour
Hip-Hop
Gandi Aulaad was released on May 27, 2022 by Azadi Records / The MVMNT as a part of the album Nayaab
album cover
AlbumNayaab
Release DateMay 27, 2022
LabelAzadi Records / The MVMNT
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM106

Music Video

Music Video

Credits

PERFORMING ARTISTS
Seedhe Maut
Seedhe Maut
Performer
Sez on the Beat
Sez on the Beat
Performer
COMPOSITION & LYRICS
Siddhant Sharma
Siddhant Sharma
Lyrics
Abhijay Negi
Abhijay Negi
Lyrics
Sajeel Kapoor
Sajeel Kapoor
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Sez on the Beat
Sez on the Beat
Producer

Lyrics

[Verse 1]
तू करे रोल रोल
जगह तेरी स्थापित हो चुकी
तू हो चुका है श्रापित
था तू भगवान पर अब बन गया है नास्तिक तो काए बात की हार जीत
काए बात जीना अब
मेरी रूह मुझे काटे हर अंग मुझे डाँटे
बोले सब के
[Verse 2]
मैं गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी गज़ल
तो समझो के जब भी मैं बनूंगा लाश
ना बिछना कबर
ना देना अग्नि
बड़ों को दिए फक नी
मैं जिया खुदगर्ज
गया अंदर से सड़
[Verse 3]
हाँ मैं गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी गज़ल
तो समझो के जब भी रुके मेरी सांस
ना बिछना कबर
ना देना अग्नि
किसी को दिए फक नी
ये दर्द-ए-जिगर गया अंदर से
[Verse 4]
वो बोले वक्त मिले ना दोबारा
खुदी की अय्याशियो में फ़स गया बेचारा
खाई रगड़े तब
और कहीं मिला नि सहारा
दिल में मिट्टी भरदी इतनी साला कम्म पड़े सहारा
[Verse 5]
किसी को फरक नहीं पड़ता
पड़ता जिनसे उनसे खट्टा हो चुका है रिश्ता
लड़ता अदतो से जितना हो सके वो करता पर
सुरंग है कली चलता आगे
फिर हर दो कदम पे थुकता
और साला थूकू भी कैसा ना जब आगे रस्ता नहीं दिखता
और रस्ता दिखे भी कैसे जब आशा का सूरज उस सुरंग के अंत नहीं चमकता
चाहता था ख़ुदसे चमकना
मैं उन में से नहीं हूं जो कहे देते अंगूर है खट्टा
फिर खुदसे खाया और पाया कि वकाई में ये निकला खट्टे के ऊपर से कड़वा
[Verse 6]
चुकानी पड़ी रकमे भोट
वो कहती लड़का अब भी नहीं करता जॉब
ज़िंदगी का सत्ता बन चुका हिप-हॉप
करु कितना साबित
जीयू कितना कितनो के मुताबिक
दिल के टुकड़े सौ है लेजा तुझको जो लगे मुनासिब
मैं नहीं किसी का दोस्त
ना ही हूं कही का ग़ालिब
[Verse 7]
फक ऑल एटीट्यूड फक ऑल लॉजिक लेके पाने चला सृष्टि पर दृष्टि काम आई ना
बस दिखते है कैमरे
नहीं दिखता है आईना
[Verse 8]
मैं (स्वार्थी)
महीनों से नि देखी मेने शकल अपने बाप की
ना मिला भाइयो बहनो से तो सालो से नी पता कितने बड़े हो गए भांजा और भांजी
बस गांजा और पार्टीस नी करी मैं ज़बान दी थी तुझे तभी मैंने पूरी जान दी
दूर रहा मैं जान के था ढूंढरा मैं शांति
वहां नानी बोली चीनु को तो फिक्कर है बस काम की
क्या हूं (स्वार्थी)
[Verse 9]
इन रिश्तों में पहले जैसी बात नहीं
भूल गया कैसा था मैं आदमी
स्वाद माँ के हाथ का भी याद नी
पुराने लौंडे बोले लोडू करे कभी बात नी
तो बता क्या कमाया अगर लौंडे खड़े साथ नी और इस
गंदी औलाद को बतादो कि कमाले जितना होगी इसकी फिर भी कोई औकात नहीं
यहां गिरवी रखा प्यार और फिर गिरवी रखा था स्वस्थ भी
बस दिल बयान करा था मिशन बनना नयाब नहीं
ये गंदी औलाद है साला नापाक़ भी
बस गाने बना बज और दिल भरके खाली शराब पी
है मा को भी नाराज़गी पर नाज़ भी कि बेटे ने फाड़ दी
और शुरू से ही पैसा तो था जड़ इस फसाद की
दोनों पैसे पे बेटे से ज़्यादा देते थे ध्यान
तभी लाखो लोगो ने सुन्नी उस गंदी औलाद की
मुझे छोड़ दो
[Verse 10]
मैं थक्क गया हूं मुझको छोड़ दो मेरे हाल पे
कुछ नहीं बचा बस हड्डिया है और खाल है
ओह और एक है ज़बान
जिसने खा लिया है मेरा सब कुछ सिद्धांत
और विष्णु बोले मुझको अपना रख तू ख्याल
ना डरना खड़े हम है तेरे साथ
पर इतनी सी बात
वो ना जाने मगर
है पड़ जाती जिसको है घर से ही लात
है वो जाता किधर
धोबी का कुत्ता ही रह गया जनाब
उसे जाने दो घर
[Verse 11]
हूं मैं गंदी औलाद
बगैरत नस्ल
चखने में निकला ज़हरीला प्रसाद
गाता पापी गज़ल
तो समझो के जब भी मैं बनूंगा लाश
ना बिछना कबर
ना देना अग्नि
बड़ों को दिए फक नी
ये दर्द-ए-जिगर गया अंदर से
[Verse 12]
सेज़ ऑन द बीट, बॉय
Written by: Abhijay Negi, Sajeel Kapoor, Siddhant Sharma
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