album cover
Bhole Ki Barat
244
Devotional & Spiritual
Bhole Ki Barat was released on February 25, 2025 by Red Sky Records as a part of the album Bhole Ki Barat - Single
album cover
Release DateFebruary 25, 2025
LabelRed Sky Records
LanguageHindi
Melodicness
Acousticness
Valence
Danceability
Energy
BPM148

Credits

PERFORMING ARTISTS
Ravan
Ravan
Lead Vocals
COMPOSITION & LYRICS
Vichitra Sain
Vichitra Sain
Songwriter
PRODUCTION & ENGINEERING
Jatin Arora Music Studio
Jatin Arora Music Studio
Additional Producer

Lyrics

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
भोले की देखो निकली बारात,
संग भूत प्रेत किन्नर पिशाच,
है देव दैत्य गंधर्व नाग,
बोलो बम बम बम बम बम
है शंखकर्ण विक्रत विशाख ,
संग वीर भद्र और देवराज,
ब्रह्मा विष्णु और शेषनाग,
बोलो बम बम बम बम बम
भोले की देखो निकली बारात,
संग भूत प्रेत किन्नर पिशाच,
है देव दैत्य गंधर्व नाग,
बोलो बम बम बम बम बम
है शंखकर्ण विक्रत विशाख ,
संग वीर भद्र और देवराज,
ब्रह्मा विष्णु और शेषनाग,
बोलो बम बम बम बम बम
रूप बनाया ऐसा जैसा हुआ नहीं कोई सृष्टि में,
मैना रानी संदेह करे जब महादेव आए दृष्टि में,
वो भूत प्रेत संग मगन हुए, ना अब तक ऐसी लगन हुई,
ये देख बारात को ऐसा हाहाकार मचा हुआ बस्ती में
भोले बाबा तो रहे नाच वहाँ पर,
चारों तरफ है उड़ती राख वहाँ पर,
नशे में धुत्त जिनका रूप भयंकर ,
भूत प्रेतों संग पिशाच वहाँ पर
मैना रानी ये सोच रही कैसे दे दूँ मैं बेटी को,
मेरी तो फूल सी बेटी इनकी रूप दशा जब ऐसी हो,
मेरा तो मन घबराता है जब देखे इनके राग आज,
सखियों ने नेग जो माँग लिया तो दे दिया गले का नागराज
सब रह गई वहाँ पे खड़ी-खड़ी, सब सहम गई सब डरी-डरी,
तब कुछ अचेत हो वहीं गिरी, साँसे आँखें सब चढ़ी-चढ़ी,
ये रूप भयंकर देख लिया, अब कैसे मैं ये काम करूँ,
मेरा तो मन घबराता है, ना ऐसे कन्यादान करूँ
माथे पे देखो है चंद्र ताज,
तन चिता भस्म, गले नागराज,
धरे बाघ-छाल और मुण्ड-माल,
बोलो बम बम बम बम बम
डमरू बजाए करे तांडव नाच,
सब देख रहे ये राग आज,
ना देखी ऐसी अद्भुत बारात,
बोलो बम बम बम बम बम
भोले की देखो निकली बारात,
संग भूत प्रेत किन्नर पिशाच,
है देव दैत्य गंधर्व नाग,
बोलो बम बम बम बम बम
है शंखकर्ण विक्रत विशाख ,
संग वीर भद्र और देवराज,
ब्रह्मा विष्णु और शेषनाग,
बोलो बम बम बम बम बम
ये बात सुनी माँ पार्वती ने, सोचा अब संकट है,
ऐसे न ब्याह कराएगी, ये मेरी माता का हठ है,
मन में हलचल हुई माता के, सोचा स्वामी से बात करूँ,
ये संकट आन पड़ा है जो, इसका मैं अब समाधान करूँ
वो बोली महादेव सुन लो, मेरी माता ने हठ पकड़ लिया,
इस रूप में ना ब्याह कराएंगी, इस बात का उन्होंने प्रण है किया,
बस उनकी एक ये मंशा है, हो मेरा वर भी रूपवान,
और आप से सुंदर कौन भला, इस बात का मुझको भी है ज्ञान
मेरा तो आपसे प्रेम बहुत, मैं हर स्वरूप स्वीकार करूँ,
हो जग में सबसे रूपवान, अब स्वयं का ऐसा रूप धरो ,
तब स्वयं हरि ने हाथों से, महादेव का यूँ श्रृंगार किया,
सृष्टि में ना कोई रूपवान, महादेव ने ऐसा रूप किया
कामदेव भी मोहित हो, मेरे शिव का ऐसा रूप देख,
मैना रानी भी मान गई, जब वर देखा ऐसा विशेष,
इस दिव्य दृश्य को देख-देख, सारा संसार ही मगन हुआ,
बस इस प्रकार माँ पार्वती, शिव का विवाह सम्पन्न हुआ
मेरे भोले बाबा करके श्रृंगार,
बैठे हैं देखो नंदी पे आज,
डमरू, नगाड़े और शंखनाद,
बोलो बम बम बम बम बम
जो थे वैरागी और भूतनाथ,
वो ब्याह लाए माता को आज,
ब्रह्मांड के वो राजा-धिराज,
बोलो बम बम बम बम बम
भोले की देखो निकली बारात,
संग भूत प्रेत किन्नर पिशाच,
है देव दैत्य गंधर्व नाग,
बोलो बम बम बम बम बम
है शंखकर्ण विक्रत विशाख ,
संग वीर भद्र और देवराज,
ब्रह्मा विष्णु और शेषनाग,
बोलो बम बम बम बम बम
भोले की देखो निकली बारात,
संग भूत प्रेत किन्नर पिशाच,
है देव दैत्य गंधर्व नाग,
बोलो बम बम बम बम बम
है शंखकर्ण विक्रत विशाख ,
संग वीर भद्र और देवराज,
ब्रह्मा विष्णु और शेषनाग,
बोलो बम बम बम बम बम
काल हर, दुख हर, दारिद्र हर, कष्ट हर, रोग हर हर हर महादेव!
Written by: Vichitra Sain
instagramSharePathic_arrow_out􀆄 copy􀐅􀋲

Loading...